मुश्किल हो गयी चेहरों की पहचान
समझते रहो इंसान निकलते शैतान
मुखौटे पहना दिए हैं हम सबको यारो
पूंजीवाद ने संभाली पूरी आज कमान
एक दूजे से आगे निकलूँ लगी है हौड
कुचल के पैरों के नीचे मैं जीतूँ दौड़
हंसमुख चेहरा दीखता मन है मैला
मारो काटो हाथ ना आओ ये निचौड़
भाई भाई आज बैरी हो गया है कहते
इंसानियत का चेहरा खो गया कहते
पैसा और पैसा सब नैतिकता बेच के
बाजारवाद गरीब को दबो गया कहते
कई कमरे की कोठी आज बनाई देखो
मियां बीबी और नहीं आवा जाई देखो
बेटा फ़्रांस में अटका बेटी यु के में बैठी
विडिओ कांफ्रेंसिंग से दिल बहलाई देखो
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें