हरयाणा सरकार का महाघोटाला
किराये पर ली गयी कुल प्राईवेट बस संख्या -- 720
औसत प्रति किलोमीटर भुगतान --40 /रूपये
औसत तय किलोमीटर प्रतिदिन -- 450
एक बस को भुगतान -- 450 x 40 = 18000 रूपये
720 बसों को एक दिन का भुगतान ---720 x 18000 = 12960000 /रूपये
एक वर्ष में 720 बसों को भुगतान ---12960000 x 365 = 4730400000 / रूपये
प्राइवेट बस की औसत आयु --- 10 वर्ष
720 बसों को दस वर्ष में भुगतान ---4730400000 x 10 = 47304000000 /रूपये
एक बस की कीमत ---- 1800000/ रूपये
47304000000 divided by 1800000 = 26280 बसें
720 प्राइवेट बसों को सरकार 10 साल में जितना किराया भुगतान करेगी
उतने रूपये में 26280 सरकारी बसें खरीदी जा सकती हैं
अब जनता खुद अंदाजा लगा ले कि मुख्यमंत्री जी क्यों अपने पूंजीपति
दोस्तों की प्राइवेट बसों को किराये पर लेकर रोडवेज में शामिल करना
चाहते हैं
दोस्तों अगर रोडवेज और भविष्य में रोजगार के अवसरों को बचाना है तो
इसे पढ़ें , समझें और शेयर करें
धन्यवाद
साथी रमेश
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