सोमवार, 23 जून 2025
हरियाणा सामाजिक स्तर
गुरुवार, 5 जून 2025
लड़ाई ए लड़ाई
इलैक्शनां की जंग कांग्रेस अर भाजपा बिचालै लड़ी गई। कांग्रेस नै राजस्थान, मध्यप्रदेश अर दिल्ली मैं फेर पैर जमा लिये। कैहवणिया तो न्यों बी कहवैं सैं अक या लड़ाई गंठे अर बम्ब के बीच लड़ी गई। पर असल मैं या लड़ाई महंगाई अर जनता के बिचालै लड़ी गई। भाजपा तै महंगाई के रथ पै असवारी होरी थी अर कांग्रेस नै जनता अपणे कान्ध्या पै ठारी थी। तुलसीदास नै भी कह्या सै अक रावण रथी था ज्यां करकै ओ रथ पै सवार था अर रघुवीरा विरथ थे। ऊंह धोरै किसे रथ थे। रघुवीरा तै बांदरां के अर भालुआं के दम पै लड़या था। पर उस लड़ाई मैं तै रथी हारया था अर विरथी जीतया था। म्हारे प्राचीन संस्कृति के वाहक तै बिना रथ के कोए बी लड़ाई कोन्या लड़ते। बेशक वे रघुवीरा के भक्त सै फेर लैक्शन की पाछली लड़ाई तै उननै रथ यात्रा की बदोलतै जीती थी। जै आडवाणी जी रथ पै सवार नहीं होन्ते तो दो सांसद आला यो सीमित सुखी परिवार इतना बड्डा कुणबा क्यूकर बणता? ईब या न्यारी बात सै अक इसतै म्हारी पुराणी संस्कृति गैल्यां खिलवाड़ हुया अक नहीं हुया? इबकै भी आडवाणी जी महंगाई के रथ पै सवार हो लिए। रथ तो रथै हो सै या बात न्यारी सै अक यो पहलड़े रथ बरगा टोयटा आला रथ नहीं था जिसकी तामझाम तै सौ कोस तै बी दीखै थी। पर इबके रथ मैं महंगाई भव्य थी। जिसी आडवाणी जी के रथ नै हा हा मचाई थी कुछ उसे ए ढाल की हालत इस महंगाई नै बणादी। फेर उस हा हाकार नै तो आडवाणी जी पै वोटां की बरसात करदी थी अर इस बर की नै चुनावी हार का तमगा दे दिया।
इस चुनावी लड़ाई पाछै इसा लागण लाग्या था अक ईब साचली लड़ाई शुरू होवैगी। महाभारत का युद्ध जणो तै हटकै नै लड़या जागा। पाले बंदी बदलैगी। नये मोर्चे बनैंगे। सरकारी मोर्चा टूटैगा अर नया मोर्चा सरकार बणावैगा। फेर सरकारी मोर्चा तै न्यों का न्यों सै हां बिचारी जयललिता का मोर्चा जरूर टूटग्या। लोग बाट देखैं थे अक वाजपेई जी आज गया कै काल गया। जयललिता जी तै न्यारा भला और कोण तोड़ सकै सै सरकारी मोर्चे नै? जार्ज साहब तै-समता बेशक टूटो पर भाजपा की सरकार बच ज्याओ - इस अभियान पै जोर तै मंडरे सैं। काम जार्ज ताहिं देश की रक्षा का सौंप राख्या फेर आण्डी रक्षा वाजपेई की सरकार की करण लागरया सै। समता पार्टी मैं कई जणे मंत्री बणन के नाम पै सिंगरे हांडैं सैं फेर नम्बर कोन्या आ लिया सै भाइयां का। वे बड़े दुखी सैं अक जार्ज अर नीतिश कुमार तै मंत्री होगे अर हम सूके के सूके राख राखे सां।
उननै दुख इस बात का भी सै अक वाजपेई जी आपणे तै तीन मंत्री बणा लिये अर बाकी सबनै भूलगे। बड़ा चाला कर दिया। साहब सिंह जी वर्मा नै भूलगे उस तांहि तै उननै अपणें हाथ तै चिट्ठी लिखकै मंत्री बणण का न्यौता दिया था। जै वाजपेई जी न्यों न्यौते निधारां मैं गड़बड़ करैगा तै जनता बिगड़े बिना नहीं मानैगी। फेर वाजपेई जी बी किस किस नै याद राखैं?
एक चीज समझ मैं कोण्या आई इस लड़ाई की अक लड़णा तै भाजपा अर कांग्रेस आई नै चाहिये था। पर ये दोनूं तै नेड़े नेड़े नै आवंते दीखैं अर भाजपा गैल्यां जिननै घी खिचड़ी रैहना चाहिए था वे भाजपा तै दूर होन्ते जावैं सैं, इसकै खिलाफ बोलैं सैं। 11 दिसम्बर की हड़ताल मैं कांग्रेस नै समर्थन करणा चाहिये था पर कोनी करया। जयललिता नै समर्थन करया अर बीजू जनता दल नै करया। संघ परिवार भी इन विधेयकां नै ले कै भाजपा सरकार कै खिलाफ आण डट्या मैदान मैं। इननै तो कठ्ठा रहणा चाहिये था आपणी परंपरा निभाणी चाहिये थी। पर ये आपस मैं लड़ण लागरे सैं। बीजेपी तै अनुशासन आली पार्टी बताई जा थी तो यो चौड़े सड़क पै ईब के होण लागरया सै? यो हो के रहया सै? या किसी लड़ाई सै? न्यों कहया करैं अक झोटे-झोटे लड़ै अर झाड़ां का खोह। इन राजनेतावां नै या जनता ईब झाड़ बोझड़े समझनी छोड़ लेनी चाहिये। जनता रैफरी बण कै इस सारी लड़ाई नै देखण लागरी सै। जनता की रैफरसिप बड़े बड़यां नै रैफरसिप सिखा दे सै फेर भाजपा, कांग्रेस, मुलायम, कांशी अकाली, लालू अर जयललिता किस खेत की मूली सैं? देश की जनता अपणे अनुभव तै सीखण लागरी सै अर एक बख्त इसा जरूर आवैगा जिब जनता की राजनीति करणियां की जीत जरूर होगी।
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नपुंसकता
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पंजाब-हरियाणा के युवाओं में बढ़ने लगी नपुंसकता, वृद्धों की सैक्स में बढ़ी दिलचस्पी
punjabkesari.in Monday, Sep 05, 2022 - 09:51 AM (IST)
जालंधर(नरेन्द्र मोहन): पंजाब, हरियाणा के युवाओं में नपुंसकता तेजी से फैल रही है। 20 वर्ष तक के किशोरों में भी नपुंसकता के लक्षण पाए गए हैं जबकि जवानी की उम्र 40 वर्ष तक 40 प्रतिशत पुरुष नपुंसकता में चले जाते हैं। सैक्सवर्धक दवाओं का कारोबार भी तेजी से बढ़ा है और गली-गली में सैक्स रोग माहिरों की दुकानें खुल गई हैं।
विश्व सैक्स स्वास्थ्य दिवस पर पी.जी.आई. द्वारा जारी अनौपचारिक आंकड़ों में उपरोक्त तथ्य बताए गए हैं। यूरोलॉजी विभाग, पी.जी.आई. के प्रोफैसर डा. संतोष कुमार का कहना था कि इंटरनैट अब सैक्स रोगों और कमजोरी का बड़ा कारण बनता जा रहा है, अलबत्ता 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में अब सैक्स के प्रति रुचि और उपचार करवाने के मामले बढऩे लगे हैं।डा. संतोष कुमार ने बताया कि लोग इस बात को लेकर भ्रमित हैं कि मैडीकल साइंस में सैक्सोलॉजिस्ट पेशेवर से वे अपनी समस्या का निदान प्राप्त कर सकते हैं, परन्तु तथ्य यह है कि इस तरह का कोई प्रोफैशन देश में मान्य नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सैक्सोलॉजिस्ट या अपनी दुकानें चला रहे नीम-हकीमों के चक्कर में न पड़कर, मर्द रोगी को अपना इलाज यूरोलॉजिस्ट जबकि महिला रोगी को गाइनोकोलॉजिस्ट से परामर्श लेकर शुरू करना चाहिए। ये दोनों डॉक्टर प्रोफैशन वैश्विक स्तर पर चिकित्सा की दृष्टि से मान्य हैं और उन्हीं की रिपोर्ट और उपचार प्रणाली से ही मरीज का उपचार संभव है।
सैक्स रोगों को लेकर 28 फीसदी महिलाएं अपने पार्टनर से अलग हो जाती हैं
उन्होंने बताया कि मरीज 3 प्रकार के सैक्सुअल रोगों से गुजरता है जिनमें सैक्सुअल डाईफंक्शन, सैक्सुअली ट्रांसमिटिड डिजीस (एस.टी.डी.) और रिप्रोडक्टिव हैल्थ मामले शामिल होते हैं। आंकड़ों की मानें तो भारत विश्व की नपुंसकता की राजधानी बनता जा रहा है। एक शोध के अनुसार 35 फीसदी मर्द 40 वर्ष की उम्र से पहले, जबकि 20 फीसदी उम्र के किसी भी पड़ाव में किसी न किसी सैक्सुअल प्रॉब्लम का सामना करते हैं परन्तु हैरत की बात यह है कि 42 फीसदी मर्द डॉक्टरों द्वारा लिखित दवाइयों को छोड़ किसी अन्य सस्ते उपचार का विकल्प तलाशते हैं जोकि निकट भविष्य में उनके लिए घातक सिद्ध होता है। नपुंसकता के प्रति भ्रमित 75 फीसदी मर्द और 66 फीसदी महिलाएं अपनी उम्र को इसका बड़ा कारण मानती हैं। आंकड़े चौंकाने वाले तब बन जाते हैं जब जोड़े इस रोग को लेकर अलग हो जाते हैं। 28 फीसदी महिलाएं इसके चलते अपने पार्टनर से अलग हो जाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पी.जी.आई., चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा से प्रतिवर्ष करीब 50,000 मरीज सैक्स रोगों को लेकर उनके पास विभाग में आते हैं। ऐसे में 20 वर्ष तक के युवाओं में 8 प्रतिशत नपुंसकता पाई गई है, 30 वर्ष तक के युवाओं में यह दर 12 प्रतिशत है, 40 वर्ष तक के युवाओं में यह दर 40 प्रतिशत है, 50 वर्ष तक के लोगों में 48 प्रतिशत, 60 वर्ष तक के लोगों में 57 प्रतिशत और 70 वर्ष तक के लोगों में यह दर 67 प्रतिशत है।
ऐश्वर्यपूर्ण लाइफस्टाइल, ध्रूमपान, उम्र, मोटापा और तनाव नपुंसकता के मुख्य कारण
उन्होंने कहा कि पुरुषों में सैक्स हार्मोन 80 वर्ष तक बने रहते हैं। डा. संतोष कुमार के अनुसार 60 वर्ष से अधिक की आयु के लोग सैक्स के प्रति रुचि रखने लगे हैं और ऐसे मरीज उनके पास लगातार आने लगे हैं, जबकि एक 74 वर्ष के पुरुष ने भी चंद रोज पहले सफल सैक्स के लिए पेनाइल इम्प्लांट सर्जरी भी करवाई है और करीब 5 लोग और भी हैं, जिनकी आयु 70 वर्ष के आस-पास है, जो इस सर्जरी के लिए तैयार हैं।नपुंसकता के मुख्य कारण ऐश्वर्यपूर्ण लाइफस्टाइल, ध्रूमपान, उम्र, मोटापा, अत्यधिक दवाइयों का सेवन और तनाव शामिल हैं। अत्यधिक पोर्न वैबसाइट देखना और हस्तमैथून करने से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति चेताते हुए डॉ. संतोष ने सलाह दी कि युवा अपने आपको इससे हट कर सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल और एडवैंचर से अपना नाता जोड़ें।