गुरुवार, 17 नवंबर 2016

Press

प्रैस विज्ञप्ति
आज चारों और बुराई का बोलबाला नजर आता है। इन्सानी मूल्य और इन्सानियत भावनाएं और उनसे जुड़े विचार और काम जैसे बिखरे हुए हैं। पूरा समाज गहरे संकट में है। हमारा देश भी चौतरफा संकट से घिरा हुआ है। हम जानते हैं कि हमारा देश असंख्य लोगों की कुर्बानियों से आजाद हुआ हैं। आजादी की लड़ाई में उभरे न्याय , समानता,व स्वतंन्त्रता के मूल्यों के आधार पर हमने संविधान अपनाया। संविधान में नागरिक समाज बनाने का लक्ष्य रखा गया और देश के आत्म निर्भर विकास को मुख्य काम समझा गया।
आजादी के संघर्षों के दौरान चले समाज सुधार आन्दोलनों ने जात-गोत , लिंग ,सम्प्रदाय,और इलाके पर आधारित संकीर्ण पहचानों को एक हद तक तोड़ा। राष्ट्रीय
लक्ष्य, लोगों की इच्छाएं, आकांक्षाएं और उनकी क्षमतांएं जैसे रौंद दी गई हैं। आत्मनिर्भरता का लक्ष्य छोड़ कर विकसित विकसित देशों की और अमरीका की आर्थिक-सांस्कृतिक गुलामी स्वीकारी जा रही है। हमारी खेती ,रोजगार, उद्योग,शिक्षा,स्वास्थ्य,पानी , खाद्यान्न,पर्यावरण,जमीन जंगल सब संकट में हैं। विदेशी कम्पनियों की लूट बढ़ती जा रही है। उनके लिए पूरे दरवाजे खोल दिए गये हैं। बोलने की आजादी पर हमला बोला जा रहा है। हिन्दू राष्ट्र का एजैंडा साम्प्रदायिकरण को बढ़ावा दे रहा है। काले धन और नोट बैन के नाम पर पाखंडलीला रचने के प्रयास गरीबों का संकट बढ़ा रहे हैं। हमारा पूरा देश और समाज पछतावा और लाचारी महसूस कर रहा है। हम आत्म हीनता के दौर से गुजर रहे हैं। हरियाणा में भी इस माहौल के चलते जाट आरक्षण की हिंसा और असुरक्षा ने सामाजिक माहौल को और भी बिगाड़ दिया है।
    इन हालात में सभी तबके अपने अपने ढंग से इन्सानियत को बचाने की कोशिश में लगे हैं।  लेकिन इनसे व्यापक फिजा बदल नहीं रही है। इस कोशिश को एक व्यापक समाज सुधार आन्दोलन और नवजागरण का रुप देना होगा। गहरे संकट के इस दौर को पलटने के लिए हमें अपने सामाजिक जीवन की बुराईयों से लड़ना होगा। युवा तबके यानी युवा लड़के लड़कियों को समाज सुधार के रचनात्मक काम में लगाना होगा। हमारी समझ है कि हम अपनी कमजोरियों से लड़ें ताकि दुनिया की समस्याओं को भी दूर करने का संघर्ष कर सकें; इनसानी मूल्यों - समानता, सामाजिक न्याय,सहयोग,स्वतन्त्रता,और आत्म निर्भरता - को समाज की संचालक शक्ति बना सकें।
   हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति लोगों से आत्महीनता और लाचारी से निकल कर समाज सुधार आन्दोलन में शामिल होने की अपील करती है। समिति चर्चा समूह बना कर,गोष्ठी , सेमिनार , कार्यशालां करके तथा नाटक, गीत, भजन,रागनी आदि के माध्यम से नवजागरण का वातावरण बनाने में प्रयासरत है। इसके साथ ही आल इन्डिया पीपल साइंस नेटवर्क द्वारा आरम्भ किये गये ‘सबका देश हमारा देश’ के अभियान में जनतन्त्र, विविधता, विकास और सामाजिक न्याय के संदेश को पूरे देश में ले जाने के लिए पूरा साल अभियान चलाएगी।
  समाज सुधार और नवजागरण के लिए अपने कामों को विस्तार देने के लिए हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति अपना आठवां राज्य सम्मेलन 20 नवम्बर से 21 नवम्बर को प्रभात भवन सुखपुरा चौक रोहतक में कर रही है। खुला सत्र विकास सदन मेन पोस्ट आफिस के सामने 20 नवम्बर को सुबह 10.30 बजे कर रही हैैै जिसमें मुख्य वक्ता डा डी रधुनन्दन भूतपूर्व अध्यक्ष आल इन्डिया पीपल्ज नेटवर्क और गौहर रजा साइन्टिस्ट एवम संस्कृतिकर्मी होंगे।
   हम हरियाणा के सभी शिक्षित, अशिक्षित , गरीब तबकों से;महिलाओं ,युवा लड़के लड़कियों , बुजुर्ग और प्रतिष्ठित नागरिकों से; देहाती शहरी सभी बाशिन्दों से इस देशभक्तिपूर्ण सामाजिक काम में सहयोग करते हैं तथा सम्मेलन के खुले सत्र में आप को सादर आमन्त्रित करते हैं।
यंू ही हमेशा उलझती रही है जुल्म से खलक ,
न उनकी रस्म नई है, न अपनी रीत नई ।
यूं ही हमेशा खिलाए हैं हमने आग के फूल,
न उनकी हार नई है , न अपनी जीत नई।


डा रणबीर सिंह दहिया
अध्यक्ष, हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति हरियाणा


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें