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Posted: 21 Aug 2016 06:12 AM PDT
किसानों को ठगनें का काम विभिन्न सरकारों ने समय-समय पर किया है। साठ के दशक में सरकारों ने किसानों को रासायनिक खादों व कीटनाशक दवायें इस्तेमाल करने के नाम पर उनके निर्माताओं से लाभ लिया जाता रहा और आज जब उसके दुष्प्रभाव दिखाई दे रहे तो किसानों को सलाह दी जा रही है कि वह फिर देशी बीजों, आर्गेनिक पदार्थों का इस्तेमाल कर अनाज का उत्पादन करेें।
यह बात अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सहसचिव रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि किसनों के आत्म हत्या का कारण समय- समय पर शासक दलों द्वारा गलत नीतियाँ अपनाने के कारण हो रही है। इसके लिए किसानों को तर्क और बुद्धि का इस्तेमाल करते हुए आगे आना होगा। सभा को सम्बोधित करते हुए किसान नेता विनोद कुमार यादव ने कहा कि किसनों को दस हजार रूपये प्रतिमाह वृद्धा अवस्था पेंशन दिलाने के लिए 24 सितम्बर को विधान सभा पर धरना दिया जायेगा। वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव बृज मोहन वर्मा ने कहा कि किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए प्रदेश व्यापी आन्दोलन की तैयारी की चुकी है। सभा को सम्बोधित करते हुए डा0 उमेश चन्द्र वर्मा ने कहा कि किसान उपज की न्यूनतम मूल्य समर्थन के बजाय अधिकतम मूल्य निर्धारित करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। भाकपा नेता डा0 कौसर हुसैन ने कहा कि चुनाव में विभिन्न राजनैतिक दल भेष बदल-बदल कर किसानों व मजदूरों को ठगने के लिए आते हैं। जनसभा में मुनेश्वर बक्श वर्मा, मो0 सफी, आशीष यादव, गंगाराम, डा0इन्द्रपाल, प्रदीप कुमार मिश्रा, रामबहादुर वर्मा, रामदयाल सैनी, विकास श्रीवास्तव, राजेश सिंह, रमेश कुमार, कृष्णगोपाल मिश्रा, सुशील सिंह, अरूण कुमार आदि प्रमुख लोग उपस्थित थे। सभा का संचालन किसान सभा के जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने किया। |
सोमवार, 22 अगस्त 2016
किसानों को खूब ठगा
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