रविवार, 3 अगस्त 2014

पांच पिचानवै

आज पांच प्रतिशत लूटेरे और पिचानवै प्रतिशत कमेरे की लड़ाई पूरी दुनिया में अलग अलग ढंग से चल रही है । इसे समझना और समझाना बहुत जरूरी हो गया है । क्या बताया भला कवि ने :

पिचानवै  और पांच की दुनिया मैं छिड़ी लड़ाई रै
पांच नै प्रपंच रच कै पिचानवै की गेंद बनाई रै
पांच की जात मुनाफा मुनाफा है उसका भगवान
मुनाफे की खातर मचाया पूरी दुनिया मैं घमासान
मुनाफा छिपाने की खातर प्रपंच रचे बेउनमान
हथियार लेकै किस्मत का धराशायी करया इंसान
पिचानवै रोवै किस्मत नै पांच की देखो चतुराई रै
पूरे संसार  के माँ  पांच की कट पुतली ये सरकार
फ़ौज इनके इशारे ऊपर  संघर्षों पर करती वार
कोर्ट कचहरी दुनिया मैं बताये इनके ताबेदार
इनकी बढ़ै रोजाना मंदी मैं कहते लूट की मार
कितै जात कितै धरम पै पिचानवै की फूट बढ़ायी रै
सारा तंत्र पांच खातर पिचानवै नै लूट रहया रै
कमाई पिचानवै  की पर पांच ऐश कूट रहया रै
पिचानवै न्यारा न्यारा पी सबर का घूँट रहया रै
डाल फूट पिचानवै मैं पांच खागड़ छूट रहया रै
आपस मैं सिर फुड़ावां सम्मान इज्जत गंवाई रै
जब पिचानवै कठ्ठा होकै घाल अपनी घालैगा भाई
भ्र्ष्टाचारी पांच का शासन ऊपर तक हालैगा  भाई
उन्नीस के बाँटै एक आवै ना कोए अस्त्र चालैगा भाई
नया सीस्टम् भगत सिंह का इंसानियत पालैगा भाई
कहै  रणबीर दीखै ना और कोए मुक्ति की राही रै
चिंगारी प्रोडक्सन
गायक -साथी गुलाब सिंह
लेखक -साथी रणबीर सिंह

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