खुद्दारी हरयाणा स्टाईल
बाई
जाट कवि --कर्नल मेहर सिंह दहिया, शौर्य चक्र
दिल्ली के सिर पै बसै हरयाणा
आप बोवै ,आप खा , बेरा जी मनै ना दे दाणा
1 जगह म्हारी घणी खास सै ,बड़यां की मेहनत और और प्रयास सै, बैरी का आड़ै हुया नाश सै,ना चाल्या इसतैं कोए धिंगताणा
दिल्ली के सिर पै बसै हरयाणा ।
2 .महारी धरती का कोए तोल नहीं सै, दरया दिली का कोए मोल नहीं सै, हिस्साब मैं कोए रोल नहीं सै जाण्या सदा ले कै लोटाना
दिल्ली के सिर पै बसै हरयाणा
3 .मेहमान का मान बड़ा सै ,बण हनुमान यू सदा लड़ै सै
दिल्ली के सिर पै बसै हरयाणा
4 . तोल पिछाण कै यो हाथ हाथ मिलावै ,दुश्मन नै यू धूल चटावै
बोद्दे कै सदा साहरा लावै बोल इसके पै कति मत जाणा
दिल्ली के सिर पै बसै हरयाणा
5 . के दिखै सै सादा भोला , पहले टकरे मैं पादे रोला ,
तर्क मैं इसनै हर कोए झिकोला ,आवै खूब बातां मैं बतलाना
दिल्ली के सिर पै बसै हरयाणा
6 . बिना वजह मत इसनै छेड़िए,करया हमला जाऊँ भेडीए
छुडा पेंडा तुरत नमेड़िए , वरना महंगा पड़ै इसतैं भिड़ जाणा
6 . बिना वजह मत इसनै छेड़िए,करया हमला जाऊँ भेडीए
छुडा पेंडा तुरत नमेड़िए , वरना महंगा पड़ै इसतैं भिड़ जाणा
दिल्ली के सिर पै बसै हरयाणा
7 . हर माणस मैं पावै कविताई ,शिक्षा बेशक यहाँ देर से आई अनपढ़ भी करै अगवाही ,देख पंचों का ज्ञान पुराणा
दिल्ली के सिर पै बसै हरयाणा
8 . दिल्ली की हमनै मरोड़ काढ़ दी, जी चाहा जब टाड्ड दी
पकड़ नाड़ सही झाड़ दी ,नहीं होण दें मां माम निमाणा
दिल्ली के सिर पै बसै हरयाणा
9 . कर्नल मेहर सिंह की बात सही सै , समझनिया नै खूब लहि सै
वफादार इस बरगा कोई नहीं सै पर मुंह इसको कति नहीं लाना
दिल्ली के सिर पै बसै हरयाणा
9.KARNAL MEHAR SINGH KI BAAT SAHI SYE, SAMJHANIYA NE KHOOB LAHI SE, WAFADAR IS BARGA KOI NAHI SE, PAR MOOH ISKO KATI NAHI LANA.
DILLI KE SIR PE BASHA HARAYANA
20 AUG2014
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