शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2014

उम्मीद

जल रहा सब जहाँ उम्मीद करें भी तो कैसे करें
नहीं पहली सी फिजां यकीन करें भी तो कैसे करें
अनुशासन की सीख हमें खुद सभी कानून तोड़ो
ऐसा इन्साफ यहाँ तस्लीम करें भी तो कैसे करें
खानाबदोश बनाओ हमको हमीं से गिला करो
प्यार की गुंजाईश कहाँ दुश्मनी करें भी तो कैसे करें
हमारी आह भी गुनाह  कत्ल  मुआफ उनके
कैसे  जाती ये शमाँ बयाँ करें भी तो कैसे करें
किसने किसे तड़फाया है सही हिसाब करेगा कौन
ये तुम्हारी बात वहां मंजूर करें भी तो कैसे करें
सच कहना अगर बगावत है तो हम दोषी हैं
रणबीर झूठा इम्तिहाँ पास करें भी तो कैसे करें
1987 

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