सोमवार, 6 अक्टूबर 2014

एक अनुभव

एक अनुभव
बहुत सी कंपनियों के मैडीकल रिप्रेजेंटेटिव से बात होती  थी कि आप की कंपनी जो कमीशन दवाई लिखने के बदले डाक्टर को देती है वह मुझे नहीं चाहिए मेरे मरीज को उतनी सस्ती दवाई दे दो मगर 37 साल के समय में एक भी कंपनी  मरीज की मदद को नहीं आई । एक दवाई की कीमत 16000 है (MRP ). मेरे पास इ मेल है उस कंपनी का जो यही दवाई 1200 + taxes (1600 ) में देने को तैयार थी । MRP और सेल प्राइस में इतना गैप क्यूँ ??सरकार तय करती है किस तरीके से कितना कमीशन खाकर ???  लोगों को चुनाव में पूछना चाहिए । अब 108 दवाईयां और भी मंहंगी हो जाएंगी । अच्छे दिन आ रहे हैं थोड़ा और इंतज़ार करो । 

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