रविवार, 5 अक्टूबर 2014

छक्का

छक्का
कभी जात  पात के नाम पर कभी शराब की बोतल में नाश करते
आदमी के लछन देखे बिना भकायी में आ बटन दबा पास करते
चंद रूपयों में जो वोट खरीदता जीतें पिछें पांच साल ना टोहे पाते
इलैक्शनों में हाथ  जोड़ते फिरते जीतने बाद कित का कौन बताते
कल  चल वोट डालने  पांच साल में  यो मौका आता है देख ताऊ
जिसको चाहें बिठा दें कुर्सी पे वोट से राज बदल जाता है देख ताऊ
"रणबीर "रोहतक
छक्का
इलेक्शन के बाद हुड्डा चौटाला कहते  जायेंगे
इनेलो कांग्रेस एक मंच पर लोग बताते आएंगे
मोदी साहब अपनी लहर अबकि ना चला पाएंगे
हंग मामला होगा पैसे से खरीद के फिर लाएंगे
कांग्रेस भाजपा बिन बाकी सरकार ये बनाएंगे
ये सट्टे वाले भाजपा  जीत का सट्टा लगाएंगे
"रणबीर "रोहतक
छक्का
भ्रष्टाचार  का बोलबाला आज कौन मिटा पायेगा
मैडीकल की लूट से आज कौन राहत दिलवाएगा
बेरोजगारों की लम्बी कतार कौण ख्याल करेगा
बलात्कारों की आज भरमार कौण ख्याल करेगा
काले धन की वापसी का कब तक हो इन्तजार
 महँगाई से निजात मिले हो इसकी मांग बारम्बार
"रणबीर "रोहतक

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