मंगलवार, 16 सितंबर 2014

मुख्य मंत्री बणन का नुस्खा

मुख्य मंत्री बणन का नुस्खा
             एक बै दो मंत्री चर्चा करण लागरे थे अक चीफ मिनिस्टर क्यूकर बण्या जा ? पहला बोल्या -इस बात का डाँ ना ठावै । भीतां कै भी कान हों सैं । जै मुख्य मंत्री नै बेरा  लाग ग्या तो या झंडी आली कार बी जांदी रैहगी । दूसरा बोल्या - मुख्य मंत्री नै क्यूकर बेरा लागैगा ? पहला बोल्या -के बेर इस साइंस का ? जिब रिमोट कंट्रोल तैं माणस मारया जा सकै सै तो रिमोट कंट्रोल तैं म्हारी बात क्यूँ नहीं सुनी जा सकदी ? दूसरा बोल्या - बात तो सही सै पर के सारे हरयाणा मैं रिमोट कंट्रोल फिट कर राखे होंगे ? आपाँ इंद्री के रैस्ट हॉउस मैं चाल कै बात करांगे ? दूसरा बोल्या - सारा सरकारी स्टाफ छोड़ दयां सां अर सरकारी कार बी छोड़ दयांगे फेर म्हारी बात क्यूकर लीक होज्यागी ? अर आपाँ लोटै नून  गेरल्यां सां अक इन बाताँ का किसे तीसरे आगै जिकरा नहीं करांगे ।
      पहला बोल्या - फेर सिक्योरटी का मामला आज्यागा । दोनूं भोत घने लाचार हुए । पेट पाट्टण नै होरया अर बात नहीं कर सकदे । आच्छे साके होए करै  तो के करैं ?माहौल गरमारया सै बेरा  ना कद महं कै कोए दा मारज्या अर या चीफमिनिस्टर सिप फेर कानां धोरे कै लिकड़ज्यागी । दोनों कोठी के बाहरले बगड़ मैं आगे । उसतैं पहलम सारे लत्ते बी बदले । सोची कदे लतयां मैं किमैं धर ना राख्या हो । बगड़ मैं बी देख्या कोए ट्रांसमीटर तो फिट नहीं कर राख्या सै । पहला मंत्री बोल्या-एक बै मुख्यमंत्री रंगीले मूड मैं बैठ्या था । मनै बख्त बिचार कै बूझ लिया -साहब जी के कारण सै अक धरती चाहे न्यून तैं न्यून होज्या फेर मुख्यमंत्री आपै बणो  सो ?लोग न्यूँ कहवैं सैं थारा पत्ता कटण आला सै । मनै तो 50 करोड़ की  शर्त ला ली अक म्हारे मुख्यमंत्री जी का पत्ता कोनी  सकदा । ।बस फर के था साहब  फैलग्या अर मेरे ताहिं सारे दा पेच समझावण लाग्या । नयों बोल्या अक ये बाल घाम मैं ओएं थोड़े काले कर राखे सैं । एक खास नुस्खा तयार करया सै जिसका पेटैंट बस मेरे धोरै सै ज्याहें करकै हिर  फिर कै मैं ए  चीफ मिनिस्टर बनूँ सूँ । इसतैं  बढ़िया नुस्खे आला ए मेरै धोबी पिच्छाड़ मार सकै सै । झोंक झोंक मैं बताग्या नुस्खा अर मैं तो अपने दिल पै लिखता चाल्या गया । फेर बाद मैं उसकै समझ मैं आई  अक हो तो गलती गयी अर मेरे पाँ पकड़ कै नयों बोल्या - लागदार मेरे  जींवते जी इस नुस्खे नै अजमा कै मतना  देखिये । मनै सैड दे सी राम की सों खाई अक आप के रहंते किस की  मजाल जो मुख्यमंत्री बणन की सोचै । फेर भाई मनै इबकै यो नुस्खा आजमा कै जरूर देखणा सै । पहला मंत्री एकै साँस मैं इतनी बात कैहग्या ।            दूसरा मंत्री बोल्या- तों साठ तैं उप्पर जा लिया अर मेरी तो इबै चालीस बर्ष की ए उम्र सै । मैं तो इबै सबर कर ल्यूँगा । फेर ओ नुस्खा तो बता कितै कोए ऊक चूक होगी तो नुस्खा तेरी ए गेल्याँ दफ़न होज्यागा । मुख्यमंत्री तो तोयें बणिये पर एकाध साथी बी तो चाहिएगा । पहला मंत्री बोल्या-तनै बता कै मैं  अपणे पाहयाँ पै कुल्हाड़ी क्यूँ मारूँ ? दूसरा बोल्या- जै तेरै इब हार्ट अटैक होज्या तो गया ना नुस्खा तेरी गेल्याँ । तेरे बालकां नै धरती भिड़ी होज्यागी । मैं तो तेरा  आगे का राह बाँधूँ सूँ । पहला मंत्री नुस्खा बतावन लाग्या --
                               दस तोले सही सही तोल कै चोरबाजारी के बीज होणे चाहियें । पांच तोले खुदगर्जी की जड़ हों । छह तोले रिश्वतखोरी के पत्ते हों । तीस तोले कोरी गपशप हों । इन सबनै मोमजस्ते मैं गैर कै खूब बारीक करकै अर इसमैं पांच दगा की भस्म मिलादी जा । इस ढालाँ यूं कुल छप्पन तोले माल बणग्या । चार तोले की एक पुड़िया बनाकै तैयार करली जा  । पांच तोले बुजदिली ,  चार तोले फूल खुसामद ,तीन तोले बेकूफी के पत्ते कूट करकै अर कपड़  छान करकै ,पार्टी बाजी के पाणी मैं तीन मिहने भिगोई जां । अर फेर आच्छी ढाल इसकी चटनी बनाई जा । या चटनी बनगी  चौदा तोले । पन्द्रा तोले अंधेरगर्दी  की खाल हो पर निखालिस हिन्दुस्तानी , 50 तोले छान करकै ,लूट के पाणी मैं काढ़ा लेकै इनकी दो दो तोले की गोली बना  ली जावैं । बस नुस्खा तैयार सै ।
                                 इनके सेवन  का तरीका बी खास सै अर अपणे ए ढंग का सै । यो बी याद राखणा बहोत जरूरी सै । इन गोलियां का इस्तेमाल छब्बीस जनवरी अर पन्दरा अगस्त नै तो करया ए करया जा । दूसरा बोल्या-गोली गर्म पाणी गेल्याँ खानी अंक सीले पाणी गेल्याँ ?
पहला बोल्या- इतना अधीर क्यूँ होरया सै ? ठगी का पाईया शर्बत लेकै अर सबकी  आँख बचाकै दो गोली खानी पड़ेंगी ।
                  दूसरा बोल्या- नुस्खा तो घणा मारके का सै पर अष्टा बहोत लागै सै । पहला बोल्या - अष्टा क्यूकर ? ये सारी चीज तो थोक मैं मिलैं सैं बस रोळा तो इनके अनुपात का अर सही मौके का सै । दूसरा बोल्या-इसके खाएं तैं बेड़ा पार होज्यागा ? पहला बोल्या -अधम बिचाळै मतना टोकै । सेवन विधि पूरी हो लेण दे । बीच मैं भूलग्या तो नाश हो ज्यागा । दूसरा चुपचाप पहले की बात ध्यान तैं सुणन लाग्या । पहला-सेवन करण खातर राज घाट पै जाणा होगा अर मौसम देख कै एक की समाधी पै माथा टेकना पड़ैगा । उस समाधी के सात चक्कर काट कै मन-मन मैं दिल्ली की कुर्सी पै बैठे मानस की जय सात बरियां बोलणी पड़ैगी । गोली खाकै प्रेम तैं शीश झुकाना पड़ैगा ।
                दूसरा बोल्या- इब मेरै पक्की जचगी तों मुख्यमंत्री जरूर बनैगा । कति मुँह ज़ुबानी घोटरया सै नुस्खा । मेरै तो आच्छी ढालाँ याद बी कोन्या हुया । मनै लिखवा दे ।
                   पहला बोल्या -इबै नहीं भाई । लिखवाऊंगा मुख्यमंत्री बने पाच्छै ।
 रणबीर सिंह




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