अंधविश्वास समाज के लिए बहुत बड़ा नासूर है। हालांकि समय-समय पर ऐसी कई घटनाएं सामने आती रहती हैं जिनमें जादू-टोना करने वालों के चक्कर में पड़ कर लोगों को अपनी समस्याओं से मुक्ति के स्थान पर संकट में ही फंसना पड़ा परंतु स्वतंत्रता के ७० साल बाद भी लोग अंधविश्वास और जादू-टोने के मोहजाल से नहीं निकल पाए।
आम लोगों की तो बात ही क्या, बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ और स्वयं को ‘बुद्धिजीवी’ कहने वाले लोग भी इस जाल में फंसे हुए हैं।
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