आज चने का भाव 10000 रूपये प्रति क़्वींटल है परन्तु
जब चना किसान के खेत से निकला था उस समय भाव था
4000 रूपये प्रति कवींटल और तीन महीने पहले जब मूंग
की बीजाई की थी तब मूंग था 9000 रूपये प्रति क़्वींटल
और जब किसानों के खेत से निकल रहा था तब था
4000 रूपये प्रति कवींटल । यही तो है किसान का
शोषण जिसे ना कांग्रेस ने दूर किया , ना मुलायम सिंह ने
और ना अब मोदी जी की सरकार ने किया और किसान
कमाई करके अच्छी फसल ऊगा कर भी मंडी में लुट रहा
है और फांसी का फंदा गले में डाल रहा है दूसरी तरफ
किसान का बेटा मजदूर का बेटा हमारी राजनीति के
फलस्वरूप अपनी ज्यान कुर्बान कर रहा है । ये एक सिक्के
के दो पहलू हैं । सोचना तो पड़ेगा ही । सरहद पर भी
और सरहद के अंदर भी यह हो क्या रहा है ?
मंडी की लूट छिपाने को तो नहीं खेल खेला जा रहा फ़ौज
के साथ ?
मंडी की लूट छिपाने को तो नहीं खेल खेला जा रहा फ़ौज
के साथ ?
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