मंगलवार, 13 सितंबर 2016

प्रेस विज्ञप्ति


दिनांक 23 अगस्त 2016 को स्थानीय सुभाष नगर में स्थित योगधाम भवन में ज्ञान विज्ञान आंदोलन के पुरोद्धा और संस्कृत के प्रकांड विद्वान प्रो. बलदेव सिंह जी की स्मृति सभा का आयोजन भारत ज्ञान विज्ञान समिति , हरियाणा ,सप्तरंग एवम म.द. वि. टीचर्ज एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से किया । प्रो. बलदेव सिंह को याद करते हुए सर्वप्रथम उनकी सुपुत्री डॉ  आशा जो म.द. वि. के संस्कृत विभाग में प्राध्यापिका हैं , ने कहा कि मेरे पिता मेरे मार्ग दर्शक , मित्र एवं गुरु थे। उनके पदचिन्हों पर चलना ही मेरे लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। डॉ बलदेव सिंह जी के संस्मरणों को आगे बढ़ाते हुए भारत ज्ञान विज्ञान समिति के सचिव प्रो.प्रमोद गौरी ने कहा कि डॉ बलदेव सिंह का हमसे जुदा होना एक सांस्कृतिक क्षति है जिसकी भरपाई हरियाणा प्रान्त में क्र पाना मुश्किल है । उन्होंने ज्ञान विज्ञान आंदोलन के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया और उन्हें समाज सुधार की राह पर चलने के लिए तैयार किया ।संस्मृतियों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए डॉ आर एस दहिया ने उनकी आर्थिक सहयोग की इच्छाशक्ति को उभरते हुए कहा कि उन्होंने अनेक सामाजिक संस्थाओं को आर्थिक सहयोग दिया। इसी कड़ी में म.द. वि. से सेवानिवृत मडूटा अध्यक्ष सुश्री सुधा जैन ने डॉ बलदेव सिंह के अध्यापक आंदोलन को दिए गए योगदान को याद किया ।मंच संचालन करते हुए सप्तरंग संस्था के सचिव डॉ रमणीक मोहन ने डॉ साहब की याद में कुछ पंक्तियाँ प्रस्तुत करते हुए भावभीनी स्मृति प्रस्तुत की।करनाल से आये उनके मित्र प्रो.रणबीर सिंह ने उनकी प्रशासकीय कुशलता एवं निर्भीक कार्यवाहियों की ओर ध्यान आकर्षित किया । तत्पश्चात जसबीर स्मारक समिति के अध्यक्ष श्री इंद्रजीत सिंह ने ऐसे समाज सुधारकों की जरूरत पर बल दिया ।डॉ हिम्मत, डॉ संतोष मुदगिल एवं सुश्री मनीषा ने डॉ बलदेव सिंह के विचारों में आये हुए  प्रगतिशील परिवर्तनों को याद किया और उन्हें जात-पांत ,धर्म,सम्प्रदाय से ऊपर उठा हुआ व्यक्तित्व बताया। आर्य समाज के प्रबल समर्थक से ज्ञान विज्ञान आंदोलन के अगुआ बनने तक की उनकी यात्रा उनके विचारों में विकास का प्रतीक है। प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो.के सी.यादव , पी जी आई एम एस रोहतक के सेवानिवृत चिकित्सा अधीक्षक डॉ ओ. पी.लठवाल, म.द. वि.के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ सुरेन्द्र कुमार,विभाग के पहले प्रो.डॉ महावीर सिंह ने याद किया ।  डॉ बलदेव सिंह की संस्कृत में छपी पुस्तक भी चर्चा में आयी। डॉ साहब के मित्र रिटायर्ड प्रिंसिपल के. एस. गुलिया एवं आई सी एम आर के पूर्व वैज्ञानिक रणबीर सिंह फोगाट ने डॉ बलदेव सिंह के साथ किये कामों के अनुभव साँझा किये।
जसबीर स्मारक समिति, जनवादी लेखक संघ, डॉ ओमप्रकाश ग्रेवाल संस्थान,आदि संस्थाओं की ओर से लिखित शोक प्रस्ताव पेश किये गए। सभा में अनेक संगठनों के प्रतिनिधि ,भाषाविद, सामाजिक कार्यकर्त्ता , महिला नेत्रियां,एवं विद्वान मित्र उपस्थित रहे।
रणबीर सिंह दहिया
23.8.2016

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