चीन में माओ नामक शासक ने करोडो लोगों की हत्या की थी| कोई देवी/देवता उन निरपराध लोगों को बचाने नहीं आए|
जर्मनी में हिट़लर नामक शासक ने लाखों लोगों की हत्या की थी| कोई देवी/देवता उन निरपराध लोगों को बचाने नहीं आए|
कई वर्षों से चीन तिब्बत के लोगों के खिलाफ अपनी ताकत और संसाधन लगाकर उनकी हत्या और शोषण कर रहा है| कोई देवी/देवता उन निरपराध लोगों को बचाने नहीं आए|
अफ्रीका और अमेरीका के कई देशों में काले रंग के लोगों को उनकी त्वचा के रंग की वजह से पीढी दर पीढी सभी प्रकार का शोषण सहना पडा| कोई देवी/देवता उन निरपराध लोगों को बचाने नहीं आए|
भारत देश में भी, हजारों वर्षों से मानव निर्मित नीची जाति के लोगों को हत्या, बलात्कार, छूआछूत, अंधश्रद्धा, प्राकृतिक संसाधन जैसे खाना और पीने के पानी से वंचित रखा गया, और शारीरीक और लैंगिक शोषण को सहना पडा| फिर भी, कोई देवी/देवता उन निरपराध लोगों को बचाने नहीं आए|
इतना ही नहीं, आज तक इस दुनिया में दो विश्वयुद्ध हो चुके है| जिसमें अमेरीका ने जापान के दो शहर हिरोशीमा और नागासाकी के उपर अणु बम से हमला कर के उन्हें संपूर्ण तरह से राख में तब्दील किया था| कोई देवी/देवता इन युद्धों को रोकने नहीं आए|
तो इन काल्पनिक मिसालों पर बनाए गये देवी - देवताओं का गुलाम कोई क्यों बने ???(मन की बात)
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